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डीएम एन.पी. सिंह ने कहा आचार संहिता का उल्लंधन बर्दाश्त नहीं : प्रचार में 10 से ज्यादा वाहनों के काफीले पर रोक

ग्रेटर नोएडा। निर्वाचन संबंधी किसी भी गतिविधि को कैमरे में कैद होने से निर्वाचन विभाग छोड़ने के मूंड में नहीं है। जिला सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में जिलाधिकारी ने चुनावी तैयारियों से रूबरू कराते हुए बताया कि विधान सभा चुनाव में किसी भी स्तर पर आचार संहिता का उल्लंधन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
DM N.P. SINGH
इसके लिए निगरनी टीमें सक्रिय हो गई है। चुनावी मैदान में उतरे प्रत्याशियों के वाहनों की वीडियोग्राफी के साथ-साथ टेंट कुर्सी मेज सोफा माइक टोपी आदि को भी कैमरे में कैद किया जाएगा। जिसके बाद उनका मूल्यांकन कर चुनावी खर्चें में जोड़ा जाएगा। चुनावी रैलियों में उम्मीदवारों व स्टार प्रचारकों की रिकाॅर्डिंग होगी। ऐसे में उम्मीदवारों व चुनाव प्रचारकों को अबकी बार आपत्ति जनक भाषण-बाजी करना भारी पड़ सकता है।

प्रचार में 10 से ज्यादा वाहनों के काफीले पर रोक

चुनावों में किसी भी स्तर पर प्रशासन खेमा कोई कोताही बरतने के मूंड में नहीं है। अबकी बार चुनावी मैदान में उतरने वाला उम्मीदवार 28 लाख तक ही चुनाव प्रचार में खर्च कर सकता है। चुनावी प्रचार के दौरान 10 से ज्यादा वाहनों का काफिला उम्मीदवार लेकर नहीं चल सकेगा।

पहचान पत्र के अलावा अन्य विकल्प भी होंगे मान्य

विधान सभा चुनाव में मतदान के दौरान पहचान पत्र के अलावा अन्य विकल्प भी निर्वाचन आयोग ने सूझाए है। इसके लिए 1 2 अन्य वैकल्पिक दस्तावेजों को भी मान्य किया गया है। इतना ही नहीं अबकी बार मतदाता पर्ची भी फोटों युक्त होगी। पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं होने पर भी मतदाता पर्ची के माध्यम से अपने मत का प्रयोग कर सकेगा।
प्रलोभन देना पड़ सकता है भारी

मतदाताओं को लुभाने के लिए प्रलोभन देना पार्टी उम्मीदवारों को भारी पड़ सकता है। प्रेसवार्ता में जिलाधिकारी ने मतदाताओं को प्रलोभन देने वाले ऐसे प्रत्याशियों व पार्टी कार्यकर्ताओं को शख्त हिदायत दी है जो प्रलोभन देकर मत को अपने हित में करने की फिराक में लगे रहते है।
9 से 12 फरवरी तक सामुदायिक केन्द्रों की बुकिंग पर पाबंदी
जिले में तीनों विधान सभाओं के लिए करीब 1242 बूथों पर विधान सभा के लिए मतदान होगा। शहरी क्षेत्रों में सामुदायिक केन्द्रों को मतदेय स्थल बनाया गया है। वहीं शादी सीजन होने की वजह से ज्यादातर सामुदायिक केन्द्रों की बुकिंग शुरू हो गई है। इस दिशा में जिलाधिकारी एनपी सिंह ने प्रेसवार्ता में बताया कि 9 फरवरी से 1 2 फरवरी तक सामुदायिक केन्द्रों पर किसी भी तरह के कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जा सकेंगे। जिन लोगों ने मतदान के दौरान कार्यक्रमों के आयोजन के लिए सामुदायिक केन्द्र बुकिंग किए है। वे अभी से अपनी व्यवस्था कहीं दुसरी जगह कर लें।

दुसरे राज्यों में नौकरी करने वालों का मतदान के दिन अवकाश

भारत निर्वाचन आयोग ने मतदान के दिन दुसरे राज्यों व जनपदों में नौकरी करने वालों के लिए मतदान के दिन अवकाश घोषित किया है। ऐसे में भारत के किसी भी कोने मंे नौकरी करने वाला व्यक्ति लोक पर्व में हिस्सा लेकर अपने मत का प्रयोग कर सकेगा।

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