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समाजवादी दंगल : “साईकिल” को लेकर चुनाव आयोग में सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित

नई दिल्ली : समाजवादी में साईकिल को लेकर चल रहे दंगल की सुनवाई आज चुनाव आयोग में की गयी। दोनों ही खेमो ने पूरी मजबूती से अपनी-अपनी दलीलें चुनाव आयोग के समक्ष राखी।
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लंच से पहले अखिलेश खेमे से चुनाव आयोग के सामने बहस की शुरुआत रामगोपाल यादव के हलफनामे से हुई जिसमें आयोग को बताया गया था कि समाजवादी पार्टी के नए अध्यक्ष अखिलेश यादव बने हैं। पार्टी के आधे से ज्यादा सांसद, विधायक और एमएलसी का समर्थन अखिलेश को है। इनके समर्थन वाले हलफनामे आयोग में जमा किए जा चुके हैं। लिहाजा पार्टी और पार्टी के चुनाव चिन्ह पर उनका ह है। लेकिन इसको चुनौती देते हुए मुलायम सिंह के वकील ने कहा कि रामगोपाल के हलफनामें में कहीं भी इसबात का जिक्र नहीं है कि पार्टी का विभाजन हुआ है या बंटवारा हुआ है। तो फिर जब पार्टी में कोई विभाजन हुआ ही नहीं तो पार्टी और चुनाव चिन्ह दोनों पर ये दावा कैसे कर सकते हैं।
दूसरी बात मुलायम सिंह यादव 2014 में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे और पार्टी अध्यक्ष का कार्यकाल तीन साल का होता है। ना तो मुलायम सिंह यादव का कार्यकाल पूरा हुआ नाही पार्टी में विभाजन हुआ नाही मुलायम ने पार्टी छोड़ी तो ऐसी स्थिति में कोई दूसरा व्यक्ति कैसे पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकता है कैसे चुनाव चिन्ह पर दावा कर सकता है।

मुलायम के वकील ने ये भी सवाल उठाया कि रामगोपाल गुट हलफनामें जो दावा कर रहे हैं कि अखिलेश पार्टी के नए राष्ट्रिय अध्यक्ष हैं तो आज खुद चुनाव आयोग में अखिलेश क्यों नहीं आए। मुलायम के वकील ने ये भी दावा किया कि सारे हलफनामो में खुद अखिलेश का हलफनामा नहीं है।
रामगोपाल यादव को पार्टी से निकाला जा चूका है वो आयोग में अखिलेश की तरफ से दावा करने आए हैं जिसका कोई औचित्य नहीं है।
आयोग के सामने पहले दौर की 2 घंटे की बहस में मुद्दा यही रहा की पार्टी में कोई विभाजन हुआ है या पार्टी में कोई विभाजन नहीं हुआ है। आयोग यही जानना चाह रहा था कि पार्टी में विवाद की स्थिति है या विभाजन हुआ है या नहीं। मुलायम के वकील पूरी बहस के दौरान ये दावा करते रहे की पार्टी में नातो कोई विवाद है नहीं कोई विभाजन हुआ लिहाजा पार्टी और चुनाव चिन्ह को लेकर भी कोई दावा नहीं कर सकता है।⁠⁠⁠⁠ फिलहाल चुनाव आयोग ने फैसला सुरक्षित कर लिया है। आज देर रात या कल चुनाव आयोग पाना फैसला सुना सकता है।