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यूपी चुनाव आयोग के निशाने पर अखिलेश की सरकारी योजनाएं, बंद कराया कॉलर ट्यून व स्कूल बैग

लखनऊ : विधानसभा चुनाव का एलान और आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद आयोग के निशाने पर प्रदेश सरकार की वह योजनाएं आ गई हैं। जिन योजनाओं पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का फोटो या पोस्टर लगा है। आयोग ने आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए स्कूल बैग, राशन कार्ड कवर, स्मार्ट फोन पंजीकरण पर रोक लगा दी है। यही नहीं अफसरों के सेलफोन से सरकारी योजनाओं की कॉलर ट्यून भी हटा दी गई हैं।

खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत जिले में बनाए गए नए राशन कार्ड का कवर और स्कूलों में वितरित होने वाले बैग पर सीएम अखिलेश यादव का फोटो लगा है। आयोग ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन मानते हुए मुख्यमंत्री का फोटो लगा स्कूल बैग और राशन कार्ड के वितरण पर रोक लगा दी है। जिला पूर्ति अधिकारी गुलाब सिंह यादव का कहना है कि राशन कार्ड वितरित किए जाएंगे, लेकिन कार्ड का कवर जिस पर मुख्यमंत्री का अखिलेश यादव का फोटो लगा है वितरित नहीं होगा। उन्होंने कहा कि ज्यादातर कार्ड ब्लॉक के माध्यम से वितरित हो चुके हैं।

बचे कवर का वितरण नहीं होगा। यही नहीं प्रदेश सरकार द्वारा गरीबों को वितरित किए गए ई-रिक्शा के पीछे विधायकों ने सीएम के फोटो के साथ अपने पोस्टर लगवाए थे। आयोग ने उन्हें भी हटाने के निर्देश जारी किए हैं। बीएसए रमाकांत वर्मा का कहना है कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के फोटो लगे स्कूल बैग आने थे, लेकिन अभीतक आए नहीं हैं। बैग की खेप आ भी जाएगी तो उनका वितरण नहीं किया जाएगा। डीएम शंभूनाथ ने बताया कि आयोग के निर्देश पर अफसरों के सेलफोन में बजने वाले सरकारी योजनाओं की कॉलर ट्यून हटाने के साथ ही समाजवादी स्मार्ट फोन पंजीकरण पर भी रोक लगा दी गई है।

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