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होर्टी इण्डिया 2017 में बोली नजमा हेपतुल्लाह : खेती के विकास के लिए आधुनिक तकनीक की जरूरत

ग्रेटर नोएडा : हार्टीकल्चर व फ्लोरीक्ल्चर के बीच समन्वय स्थापित करने की जरूरत है। अनाज की खेती के साथ-साथ फूलों की खेती के विकास के लिए आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल करने की जरूरत है। कृषि संयंत्र के क्षेत्र में क्रांति की जरूरत है। फ्लोरीकल्चर को बढ़ावा देने के लिए किसानों के खेतों में अपनी छटा बिखेरने वाले रंग-बिरंगे फूलों के लिए बाजार तलाशने की जरूरत है। ये बातें ग्रेटर नोएडा के अल्फा एक सेक्टर में बृहस्पतिवार से शुरू हुए दो दिवसीय हॉर्टी इंडिया के कार्यशाला व प्रदर्शनी में मणिपुर की राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला ने कही। वह सुबह दस बजे प्रदर्शनी का शुभारंभ करने के बाद लोगों को संबोधित कर रही थीं।
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नजमा हेपतुल्ला ने कहा कि किसान आय बढ़ाने के लिए तेजी फ्लोरीकल्चर को अपना रहे हैं। इसके लिए हमारे यहां बाजार नहीं है। उन्होंने कहा कि मणिपुर में जल्द ही हॉटीकल्चर इंडिया इंस्टीट्यूट की शुरुआत की जाएगी। मणिपुर में खेती के नाम पर सिर्फ चावल का उत्पादन हो पाता है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए यहां फ्लोरीकल्चर को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि फूलों का सबसे बड़ा खरीदार जापान, ¨सगापुर, थाईलैंड जैसे देश हैं। मणिपुर के इंफाल में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट है। यहां से विदेशी बाजार में फूलों के कारोबार को काफी बढ़ावा मिलेगा। किसानों को फ्लोरीकल्चर अपनाने के लिए प्रेरित करने की जरूरत है। इसके लिए आधुनिक तकनीक की भी जरूरत पड़ेगी।
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कार्यशाला-प्रदर्शनी में पहले दिन पारंपरिक व वैकल्पिक बागवानी उत्पादन प्रणाली पर विशेष ध्यान दिया गया। प्लग नर्सरी उत्पादन, संरक्षित खेती, हीड्रोपोनिक्स, पौध कारखाने, सूक्ष्य ¨सचाई, फर्टिगेशन व सजावटी पौधों की प्रदर्शनी लगाई गई। प्रदर्शनी का आयोजन ग्रेटर नोएडा इंस्टीट्यूट आफ हार्टीकल्चर ने किया था। इस प्रदर्शनी में सांसद अजय निषाद, सचिव कृषि व किसान कल्याण मंत्रालय एसके पटनायक, विशेष सचिव कृषि व किसान कल्याण मंत्रालय जेपी मीना, केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय मणिपुर के कुलपति प्रोफेसर एम प्रेमजीत ¨सह, खाद्य एवं कृषि काउंसर जर्मनी दूतावास उर्सुला होल्जहाउजर, वाईएसआर हार्टीकल्चर विश्वविद्यालय तेलांगाना के वाइस चांसलर बीएमसी रेड्डी सहित विभिन्न देशों के प्रतिनिधि भी कार्यशाला में शामिल हुए।

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