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बाराही मेला में सजी कवियों की महफ़िल , हास्य रस सुन लोटपोट हुए श्रोता, वीर रस ने भरा जोश, श्रृंगार ने झुमाया

ग्रेटर नोएडा : सूरजपुर में चल रहे बाराही मेला में कवि सम्मलेन का आयोजन किया गया जिसमे मशहूर कवियों ने अपनी रचनाएं सुनाकर श्रोताओं का खूब मनरंजन किया ।


MUKESH SHARMA KAVI
आशु कवि मुकेश शर्मा ने ये रचना सुनाकर “जो बेटा माँ से हिसाब मांगे वो बेटा किस काम का, जो पैर में जूता काटे वो जूता किस काम का, इस देश के सैनिकों के द्वारा किये गए कार्य की जो नेता आलोचना करे वो नेता किस काम का ” और “जिंदगी जिंदा है सिर्फ कफ़न के लिए, कफ़न है अगन के लिए दफ़न के लिए, यारों फ़क़त उम्र के चार दिन दो कलम के लिए दो वतन के लिए ” . श्रोताओं की खूब तालियां बटोरीं।


AMIT SHARMA
वीर रस के युवा कवि अमित शर्मा ने ये रचना “धरा ये जिस पर घूम रही हम उसी केंद्र के बिंदु है। कहो गर्व से हम हिन्दू है हम हिन्दू है हम हिन्दू है” , “तन्हाई वीरानियों को भी महफ़िल बना डाला, माँ की दुआओ ने मुझे काबिल बना डाला” , “देश का युवा जब जब रण में अपनी ताकत तोलेगा, चप्पा चप्पा इस धरती का वंदेमातरम बोलेगा” ने श्रोताओं में जोश भर दिया । पूरा दर्शक दीर्घा भारत माता की जय और वन्दे मातरम् के घोष से गूंज उठा।

हास्य रस के कवि शम्भू शिखर ने अपने हास्य व्यंग से लोगों को खूब गुदगुदाया। उनकी रचना “मोदी के भाषण का कभी वेट होगा कम, कवियों का भी कभी रेट होगा कम, योगी के राज में कुछ कम हो न हो तुम देख लेना पुलिस का पेट होगा कम ” . और पति – पत्नी सम्बन्धित लतीफे सुनकर र श्रोता लोटपोट हो गए।

सीमा गुप्ता द्वारा “होता है स्वर्ग वहीँ पर जहाँ पर मां का पाँव होता है, सुलगते धूप में माँ का ही आँचल छाँव होता है”, देव नागर द्वारा “फेसबुकी देख चित्र मैं भी बन गया मित्र, चैटिंग भी खूब करी सेटिंग के चाव में”, दुर्गेश अवस्थी द्वारा “प्यार चाहिए तो प्यार करना पड़ेगा हमें, बिन प्यार जिंदगी चल नहीं सकती” , “बेटा चाहे सुपूत निकले या निकले कुपूत, एक मां बेटे को कभी छल नहीं सकती” , प्रेम सागर प्रेम द्वारा ” दुश्मन थर-थर काँप गया , तुम सौ-सौ पर भारी थे” , भुवनेश गुप्ता द्वारा “चंद पलों का ही सही, मेरा साथ दे दो ” , दीपक गुप्ता द्वारा “मान कमाने निकले थे , सामान बचा कर लौटे हैं ” किए कए काव्य पाठ का श्रोताओं ने खूब लुत्फ़ उठाया।


MUKESH SHARMA
इस मौके पर शिव मंदिर सेवा समिति के पदाधिकारियों ने कवियों को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।

इसके अलावा बाराही मेला में सांस्कृतिक मंच पर नरेश भाटी एंड पार्टी ने रागिनियों की प्रस्तुति दी। नरेश भाटी के गाए ” नारी का अपमान करा कैसे” , गोपाल शर्मा के गाए ” दादरी में करे चढ़ाई” और डांसर रेनू पंजाबी द्वारा “मार दिया जाए , या छोड़ दिया जाए” गाने पर किये गए डांस पर युवा दर्शक भी झूम उठे। इसके अलावा रागिनी कलाकार पूनम त्यागी, हरेंद्र नागर, वर्षा चौधरी, मूलचंद शर्मा, केशव गोविंदपुर ने भी प्रस्तुति दी।


MANJEEET SINGH
इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में समाज सेवी सरदार मंजीत सिंह और मनोज गर्ग थे। मुख्य अतिथि ने शिव मंदिर सेवा समिति के पदाधिकारियों को पिछले कई वर्षों से बारे मेले के सफल आयोजन कराने के लिए बधाई दी।

बाराही मेला ग्राउंड में लगे झूले,सर्कस, खाने पीने के स्टाल्स में मनोरंजन के लिए लोगो की भारी भीड़ उमड़ी। इस मौके पर शिव मंदिर सेवा समिति के अध्यक्ष धर्मपाल प्रधान, ओमवीर सिंह बैसला, मूलचंद शर्मा, लक्ष्मण सिंघल, बिजेंद्र सिंह आर्य, जगदीश भाटी, राजवीर शर्मा, सुभाष शर्मा, विनोद सिकन्दराबादी, राजपाल खटाना, लीलू भगत जी आदि मौजूद रहे।