वीरेद्र सिरोही को मिलेगा जाटों को लामबंद करने का ईनाम

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश कैबीनेट के लिए सारे नाम फाइनल हैं। इस बार सीएम के साथ डिप्टी सीएम और होम मिनिस्टिर भी बन रहे हैं । कैबीनेट मिनिस्टर के लिए दिग्गज जाट नेता वीरेंद्र सिंह सिरोही का नाम तेजी से चल रहा है। वीरेंद्र सिंह सिरोही भाजपा की पिछली सरकार में राजनाथ सिंह के साथ राजस्व मंत्री थे।
virendra singh sirohi
वीरेंद्र सिंह सिराही वेस्ट यूपी के दिग्गज जाट नेता हैं। बुलदशहर सीट से जीतकर आए हैं। इसके अलावा जाट बाहुल्य जिले अमरोहा के चुनाव प्रभारी थे। वहां पार्टी के विधायक बड़े अंतर से जीते हैं। बुलंदशहर की सातों सीटों पर बड़ी संख्या में जाट वोटर हैं। इन जाट वोटरों ने वीरेंद्र सिंह सिरोही के प्रभाव में मतदान किया है। सिरोही इससे पहले बुलंदशहर की अगौता सीट से विधायक और मंत्री रह चुके हैं।
रालोद के अध्यक्ष अजित सिंह ने सारी जाट बाहुल्य सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे लेकिन वीरेंद्र सिंह सिरोही ने उन्हें निष्प्रभावी किया। रालोद के उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। सपा छोड़कर आए विधायक बंधु गुड्डू पंडित और मुकेश शर्मा तक की जमानत जब्त हो गई हैं। कुल मिलाकर वीरेंद्र सिंह सिरोही बड़े कद के साथ उभरे हैं। इसी कारण उन्हें वेस्ट यूपी के कोटे से डिप्टी सीएम या कैबीनेट मिनिस्टर बनाने की तैयारी है।
जानकारों का यह भी कहना है कि इससे भाजपा अपना संदेश देने में कामयाब हो जाएगी। चुनाव में मतदान से ठीक पहले अमित शाह ने जाट नेताओं से भाजपा को वोट देने की अपील की थी। आश्वासन दिया था कि जाटों के सम्मान का पूरा ख्याल रखेंगे। जिसके बाद पहले चरण में जाटों ने भाजपा के लिए जमकर वोटिंग की थी। लिहाजा, अब अमित शाह जाटों के इस अहसान को चुकाना चाहेेंगे। वैसे भी वीरेंद्र सिंह सिरोही निर्विवाद और भाजपा के बहुत पुराने नेता हैं। संघ में उन्हें बहुत पसंद किया जाता है।
भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में एक वरिष्ठ सदस्य ने बताया कि वीरेंद्र सिंह सिरोही यूपी के बड़े ओबीसी नेता हैं। उन्हें पार्टी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देगी। उन्हें पार्टी के अलावा संघ में बहुत पसंद किया जाता है। जाट मतदाताओं में वीरेंद्र सिंह सिरोही की पहचान और छवि बेहद नरम दिल नेता के रूप में होती है।